अब तुम्हारी कमी में हर चीज़ सुनसान लगती है…!!!
किस्मत का खेल देखिए, जिसे चाहा था दिल से, वही दूर हो गया।
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
कभी लगा था तुमसे दूर हो कर जी नहीं सकते,
हम तो दिल से चाहते थे तुम्हें, लेकिन तुमसे दूर होते हुए ये समझ आया,
बरसों तक वो रात चले, सदियों दूर सवेरा हो।
किसी को अपना बनाना आसान होता है, पर उसे निभाना हर किसी के बस की बात नहीं।
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
सवाल ये है, Sad Shayari क्या वो खामोशी प्यार क्या है।
चाहकर भी उनसे नाता तोड़ा नहीं जा सकता।
दिल की दहलीज़ पर बैठे थे कभी, आज उसी दिल के दरवाज़े से निकाले गए।
फिर तुझे ढूंढने मेरी आँख के आँसू निकले.
तेरी यादें अब हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बन गईं,
तेरे जाने के बाद, ये दुनिया और भी स्याह सी लगने लगी,